भुमिगत लाभ के योग

भूमि से लाभ और भूमिगत धन का लाभ(गड़े धन की प्राप्ति) विशिष्ट लाभ के योग तब बना करते हैं १.जब चतुर्थ(भूमि) का स्वामी दशम(कर्म) में हो और दशम का स्वामी चतुर्थ में हो। २. चतुर्थ का स्वामी द्वितीय(धन) या एकादश(लाभ) में हो। ३. एकादश(लाभ) का स्वामी या द्वितीय (धन) का स्वामी चतुर्थ में हो। ४.लग्नेश Read more about भुमिगत लाभ के योग[…]

सूर्य की अन्य ग्रहों से युति एवं विभिन्न भावो में फल

सूर्य की अन्य ग्रहों से युति का सामान्य फल सूर्य ग्रहों का राजा है इसलिए जब ये किसी अन्य ग्रह से युति करता है तो विशिष्ट फल हुआ करते हैं ..जब गृह अस्त हो जाए तो स्थिति सूर्य के पक्ष की हो जाया करती है लेकिन अगर अस्त न हो तो ये निम्न योग बन Read more about सूर्य की अन्य ग्रहों से युति एवं विभिन्न भावो में फल[…]

प्रेम प्रसंग के योग

प्रेम प्रसंग योग किसी भी जन्मकुंडली में प्रेम प्रसंग की संभावना के लिए निम्न भाव, भावेशों व ग्रहों का अध्ययन किया जाता है। १. लग्न व लग्नेश( स्वयं)(चेतना)(अहम्) २.पंचम व पंचमेश(प्रेम)(बुद्धि)(निर्णय) ३.सप्तम व सप्तमेश(विवाह) शुक्र- प्रेम कारक ग्रह। शनि- हठी स्वभाव। सूत्र:- जब लग्नेश, पंचमेश, व सप्तमेश का शुभ संबंध हो,तो प्रेम सफल होकर विवाह में Read more about प्रेम प्रसंग के योग[…]

ज्योतिष के कुछ सटीक सूत्र

कुछ विशिष्ट योग  १. लग्नेश यदि पाप गृह होकर आठवे भाव में हो और द्वितीय और द्वादश में से एक पीड़ित हो तो व्यक्ति काना होता है..! . २.द्वितीयेश मंगल होकर तृतीय भाव में हो तो व्यक्ति मे चोर प्रवृति हो जाती है.. ये योग मीन लग्न और तुला लग्न में घटित होगा..! . ३.तृतीयेश Read more about ज्योतिष के कुछ सटीक सूत्र[…]

ज्योतिष सूत्र

ज्योतिष सूत्र  कुंडली देखने के सूत्रों में कुछ गहन सूत्र मूल ग्रंथो में हैं जिनपर प्रारंभिक ज्योतिष वेत्ता ही ध्यान देते हैं, अक्सर पुराने व्यावसायिक ज्योतिषियों को हमने इन मूल सुत्रो को ध्यान में रखते नहीं देखा..! जैसे किसी भी भविष्य कथन पर पहुचने से पूर्व भाव और भावेश के बल का आंकलन अवश्य करना Read more about ज्योतिष सूत्र[…]

कौन करते हैं आत्महत्या?

ज्योतिष सूत्र :- …………………. कौन करते हैं आत्महत्या? ……………………………………. एक साधारण सी बात है की आत्महत्या करने वाले लोग अन्दर से बहुत कमजोर होते हैं.. अन्दर से….माने..उनका आत्मबल, मानसिक दृढ़ता बिलकुल कमजोर हुआ करती है.. मानसिक दृढ़ता चन्द्र की स्थिति पर निर्भर करती है और आत्मबल, सूर्य तथा लग्न की स्थिति पर निर्भर करता है.. Read more about कौन करते हैं आत्महत्या?[…]

संतान पक्ष में बाधा एवं परिहार

संतान पक्ष में बाधा एवं परिहार..   निम्नलिखित योग अगर कुंडली में उपस्थित हो तो संतान होने में बाधा हुआ करती है.. . १. लग्न, चन्द्र और गुरु से पंचम भाव दूषित हो, या पीड़ित हो.. २. यदि छठे, आठवे या बारहवे का स्वामी पंचम में हो और पंचम का स्वामी अस्त या निर्बल हो.. Read more about संतान पक्ष में बाधा एवं परिहार[…]