कौन करते हैं आत्महत्या?

ज्योतिष सूत्र :-
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कौन करते हैं आत्महत्या?
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एक साधारण सी बात है की आत्महत्या करने वाले लोग अन्दर से बहुत कमजोर होते हैं.. अन्दर से….माने..उनका आत्मबल, मानसिक दृढ़ता बिलकुल कमजोर हुआ करती है..
मानसिक दृढ़ता चन्द्र की स्थिति पर निर्भर करती है और आत्मबल, सूर्य तथा लग्न की स्थिति पर निर्भर करता है.. ऐसे में जब कभी चन्द्र नीच या निर्बल, अस्त या शनि, राहू आदि से पीड़ित हो तो व्यक्ति भावनात्मक रूप से कमजोर हुआ करते हैं..ऐसे में यदि लग्न और मंगल मजबूत है और लग्नेश पर राहू का असर है तो ऐसा व्यक्ति, मानसिक रूप से कुत्सित एक अपराधी बन सकता है, तब वो भाव विहीन होकर उग्र होगा और गुस्सा,कामुकता आदि भावो पर उसका नियंत्रण नहीं होगा..
लेकिन जब चन्द्र के साथ साथ सूर्य और लग्न भी पीड़ित हो तो व्यक्ति हारा हुआ सा महसूस करने लगता है..ऐसे में कुछ योग अगर उसकी कुंडली में बनते हैं, जैसे की..
:-लग्नेश छठे भाव या आठवे में हो और तृतीयेश व एकादशेश का प्रभाव आठवे भाव तथा अष्टमेश पर हो तो व्यक्ति की प्रवृत्ति आत्मघाती हो जाया करती है..
:- छठे और आठवे भाव में क्रूर गृह हो, लग्नेश छठे भाव में पीड़ित हो, तो व्यक्ति निश्चित रूप से आत्महत्या में अग्रसर होता है..
:- लग्नेश चन्द्र होकर नीच हो और उसे शनि देखे तो व्यक्ति की प्रवृत्ति आत्महत्या की हो सकती है..
राम!!!

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