बृहस्पति का राशि परिवर्तन योग(11 अगस्त 2016)

बृहस्पति का राशि परिवर्तन योग..!(11 अगस्त 2016)
 
गोचर का आंकलन हमेशा चन्द्र लग्न से किया जाता है, अर्थात.. जिस राशि में चन्द्र हो उसे लग्न मान कर गोचर विचार करना चाहिए..
चन्द्र लग्न से गोचर पर टिप्पणी करने से पहले ये भी समझने की बात है की फलित ज्योतिष से ग्रह एवं भाव के सिद्धांत गोचर में ऐसे की ऐसे नहीं लिए जाते.. इसे यूँ समझिये की गुरु की लग्न में स्थिति शुभ और योगकारक मानी जाती है लेकिन गोचर में चन्द्र लग्न में आया हुआ गुरु भय और मान हानि देता है..!
जिनकी भी कुंडली में चन्द्र कन्या राशी में है वो लोग इसका अनुभव अब करेंगे..
 
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गोचर का अर्थ है, चलने वाला, ग्रह क्रम से राशियों में आगे बढ़ते रहते हैं, किसी भी व्यक्ति के शुभाशुभ की जानकारी के लिए, दशा, अंतर,प्रत्यंतर के साथ ही गोचर भी महत्वपूर्ण हुआ करता है.. वर्ष भर की स्थिति की जानकारी के लिए, जहाँ गुरु और शनि की गोचर गणना महत्वपूर्ण है..वहीँ महीने की स्थिति देखने के लिए सूर्य और प्रतिदिन की जानकारी के लिए चंद्रमा का गोचर यानि राशियों में स्थिति देखी जाती है…
11 अगस्त 2016 को ब्रहस्पति सिंह राशि से कन्या में प्रवेश करेंगे.. इसके जहाँ बहुत कुछ प्रत्यक्ष लाभ भी होंगे वहीँ बहुत सी समस्याओं से हमे सामना करना पड़ेगा..!
कन्या राशि द्विस्वभाव राशी है, पृथ्वी तत्त्व है, और ब्रहस्पति के नैसर्गिक शत्रु बुध की राशि है..!
ऐसे में अच्छे फल की उम्मीद उतनी नहीं करनी चाहिए.. हाँ ये जरूर है की गुरु चंडाल योग से मुक्ति मिलने से धर्म के क्षेत्र में हो रहे पाखण्ड और धर्म पर हो रहे आघात अब रुकेंगे.. और धर्म की गति उचित होगी..!
जो लोग ज्योतिष, तंत्र, हीलिंग, आदि क्षेत्रो में है, उनके लिए ये स्वर्ण काल रहेगा..!
 
गुरु की कन्या में स्थिति देश के लिए उचित नहीं लगती, संभव है वैमनस्य और समाज में दरार बढे और स्थिति दंगे तक पहुचे..! खेर…
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प्रत्येक व्यक्ति पर इसका अलग अलग प्रभाव रहेगा, जो कुछ इस प्रकार रहेगा..
 
मेष राशि के लिए:- जिनकी कुंडली में मेष राशि है उनके लिए ये योग, आलस्य और धन की कमी करने वाला होगा..पेट के रोग बढ़ेंगे और राज अधिकारियो से विवाद संभव है..!
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वृष राशि के लिए:- सुख और आनंद की वृद्धि होगी.. सफलता के योग बनेंगे और मन की इच्छा पूरी होने के योग बनेंगे.! वंश वृद्धि संभव है..!
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मिथुन राशि के लिए:- ये जन्म स्थान से दूर ले जाने की स्थिति बनाएगा, व्यर्थ चिंता बढ़ जाती है और परिवार के लोगो से सामंजस्य कम हो जाता है..!
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कर्क राशि के लिए:- ये बिल्कुल भी अच्छा नहीं रहता.. कर्क से तीसरे स्थान होने से गुरु यहाँ भाई बंधुओ से वैर करवा सकते हैं.. नौकरी में समस्या आ सकती है..!
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सिंह राशि के लिए:- ये धनागमन का समय है.. सुख समृद्धि बढती है और जिनका विवाह नहीं हुआ है उनके योग बनते है और जिनके संतान नहीं हुई ऐसे विवाहितो के वंश वृद्धि के योग बनते हैं…
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कन्या राशि के लिए:- कन्या वालो के लिए लग्न में बृहस्पति होगा जो की गोचर विचार में ठीक नहीं हुआ करता.. आर्थिक स्थिति ख़राब करता है और मान सम्मान में कमी आती है..!
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तुला राशि के लिए:- व्यर्थ यात्रा, व्यर्थ खर्चा, विश्वासपात्र से ही धोखा.. खुद भी झूठ बोलना शुरू.. बारहवे आये गुरु के ये लक्षण है..
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वृश्चिक राशि के लिए:- धन- सम्मान में वृद्धि, समस्त कार्यो की सिद्धि के अवसर.. शत्रु पराजित, विवाह और संतान के योग..
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धनु राशि के लिए:- ये भी गोचर में दोष पूर्ण स्तिथि हुआ करती है.. दशम में आया हुआ गोचर का गुरु धन,भाग्य हानि करता है..!
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मकर राशि के लिए:- धन वृद्धि, धार्मिक यात्रा, भाग्य में विशेष उन्नति, और भाई बंधुओ से लाभ..!
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कुम्भ राशि के लिए:- दुःख, पीड़ा, बंधन के योग, अपमान और नौकरी या व्यापार में हानि के योग बनेंगे..
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मीन राशि के लिए:- धन आगमन लेकिन चिंता बढ़ेगी, राज अधिकारियो से वैर हो सकता है.. धार्मिकता बढ़ेगी और कान्ति बढ़ेगी..!

17 thoughts on “बृहस्पति का राशि परिवर्तन योग(11 अगस्त 2016)

  • शेखर जी अगस्त में मेरे शनि में गुरु की अंतर्दशा शुरू हुई है और साथ में गुरु का राशि परिवर्तन भी हुआ है गुरु चन्द्र लग्न से 8 वे भाव में गोचर में होंगे।

    गुरु का ये गोचर केसा रहेगा?

    दलपत सिंह

    • चन्द्र लग्न से लग्नेश की दशा है आपकी और धनेश और आयेश का अंतर.. गोचर में आठवा गुरु! बस स्वास्थ्य का ध्यान रखिये.. बाकी धन आगमन १००% होगा लेकिन रोग दोष भी रहेंगे..!

    • तुला राशि है.. अच्छा नहीं है ये योग.. लेकिन स्वस्थान पर पर आया है आपके कुंडली में इसलिए नौकरी में तो अच्छा रहेगा और धन भी देगा…बस खर्चा अत्यधिक करवा देगा..!

  • Ye apna dhanu lagn ka kundali hai or guru lagn me hai..shukra chauthe/surya or budh panchave/rahu 6 me/shani or chandrama 11 me or 12 me mangal ketu….kya parbhav milega

      • Sir ji
        Chauthe me meen ka shukra hai panchave me mesh me surya or budh/chhate me vrishbh me rahu or 11ve me tula me shani or chandrama or guru jo hai wo dhanu me hai hi./ab bataiye sir

  • Dheerendra vyas dateofbirth-12/09/1978
    timing -00:15am tuesday bharatpur
    rajasthan-321001 pls brief my life.

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