हस्तरेखा के गुप्त सूत्र

हस्तरेखा के गुप्त  सूत्र

marriage lines

हाथ के अध्ययन से बहुत बार वो भी पता चल जाता है जो जन्मपत्रिका में नहीं दिख रहा इसलिए ज्योतिष के साथ साथ अगर हस्तरेखा और सामुद्रिक शास्त्र का ज्ञान आप रखते हैं तो भविष्यकथन आसान होता है.. ज्योतिष में फिर भी संभावना है की कुंडली गलत हो,समय थोडा भी ऊपर नीचे हुआ तो भोग्य दशा बदल जाएगी..और हमारे भविष्य कथन में फर्क आ जायेगा..! 

ऐसे भी हस्तरेखा का ज्ञान महत्वपूर्ण होता है..आज ऐसे ही एक गुप्त परन्तु साधारण सूत्र पर हम चर्चा करेंगे..विवाह रेखा सम्बंधित एक सूत्र..!

पाठको को ज्ञात ही होगा विवाह रेखा, हमारे हाथ की कनिष्ठिका यानी  सबसे छोटी उंगली के नीच बुध पर्वत पर आड़ी होती है.. ये सीधी, साफ़, ना अधिक चौड़ी, न ही पतली…मध्यम हो और ह्रदय रेखा और उंगली के  आखिरी पोर के मध्य में स्थित हो तो अनुकूल विवाह और सुखद वैवाहिक जीवन की निशानी है..! इस तरह की भविष्य कथन से पहले व्यक्ति के शुक्र  पर्वत और गुरु पर्वत की शुभता भी  जांच लें..! हाथ में जितनी विवाह रेखाएं होंगी, उतने लोगो से व्यक्ति का विवाह या प्रेम सम्बन्ध होगा..परन्तु अगर गुरु और शुक्र पर्वत उन्नत है तो ही विवाह होगा अन्यथा सब रेखाएं अल्पकालीन प्रेम सम्बन्ध या आकर्षण ही समझी जायेगी..!

अब रहस्य की बात है यह की किन्नरों और ब्रह्मचारी साधुओं के ऐसी रेखाएं क्या अर्थ रखती है?

हमेशा देश काल  और पात्र  देख कर ही ज्योतिष या हस्तरेखा से भविष्यकथन करने चाहिए, अन्यथा दोष उत्पन्न होकर अपयश होता है..!

किन्नरों के ऐसी रेखाएं उनके घनिष्ठ साथियों का संकेत हुआ करती है, जिनसे वे जीवन भर आत्मीयता से जुड़े रहते हैं..!और साधुओं और ब्रह्मचारियो के लिए ये विवाह रेखाएं उनके परम शिष्यों का संकेत होती है..! हमने अपने अनुभव से देखा की साधकों और अध्यात्म पथिकों के, बहु सम्बन्धी योग हुआ  करते हैं, मतलब इनके सम्बन्ध काफी लोगो से होने चाहिए..! यहाँ ही देश काल पात्र का सिद्धांत काम करता है, ऐसे हाथो में इस योग का सीधा अर्थ यह नहीं की वे उतनी महिलाओं से सम्बन्ध बनायेंगे, बल्कि ये है की उनके उतनी संख्या में परम शिष्य होंगे..क्युकी शिष्य भी संतान की तरह ही आत्मा के अंश हुआ करते हैं..! इस तरह व्यक्ति का हाथ देख कर हम गहन स्थिति तक पहुच सकते हैं..!

इति!!

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *